Tuesday, April 13, 2010

महर्षि दयानंद सरस्वती

महर्षि दयानंद सरस्वती ने अजमेर को अपनी कर्मस्थली बनाकर अजमेर को गौरव प्रदान किया है. अजमेर में रहते हुए आपने अनेक ग्रंथों का प्रणयन किया. सत्यार्थ-प्रकाश आपकी प्रतिनिधि रचना है जिसके माध्यम से आपने आडम्बरों से मुक्त समाज का निर्माण करने का सफल प्रयास किया है. वेद की पुनर्प्रतिस्ठा आपके द्वारा की गयी. आपने आर्य समाज की स्थापना की.